Sunday, April 24, 2016

मेरे चुनिंदा शेर

1. ये कब चाहा खुदा कि तू मुझे अपना जहाँ दे दे

 ,ज़मीं दो गज़ की मुट्ठी भर का मुझको आसमाँ दे दे,


2. ज़ुबां खामोश रह कर दिल पे कितने ज़ुल्म करती है,


ज़ुबां को दे ज़रा सा दिल, या दिल को ही ज़ुबां दे दे,



3. सिला मेरी वफाओं का मिलेगा उस जहाँ में क्यों 


जो लेना है यहाँ ले ले , जो देना है यहाँ दे दे,


4.  पेड़ सारे काट कर तुम ले गए
     अब परिंदा गाँव तक आता नहीं 

5. कतारें ख्वाहिशों की बढ रही है
   हमारा दिल सिकुड़ता जा रहा है

6. सभी बकरे मनायें खैर अपनी
   कसाई छूरियां चमका रहा है

7. दिये ने घूस दी होगी हवा को
    तभी तो रात भर जलता रहा है